मेटा 2025 : देश के सबसे बड़े थिएटर फ़ेस्टिवल का हिस्सा बनने का मौक़ा | Rekhta Learning

मेटा 2025 : देश के सबसे बड़े थिएटर फ़ेस्टिवल का हिस्सा बनने का मौक़ा

Mahender Kumar Sani|04 Jun, 2025
मेटा 2025 : देश के सबसे बड़े थिएटर फ़ेस्टिवल का हिस्सा बनने का मौक़ा

देश का लोकप्रिय और चर्चित रंगमंच पुरस्कार और फ़ेस्टिवल—महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवार्ड्स (META) का 20वाँ संस्करण जल्द ही शुरू हो रहा है। थिएटर से जुड़े कलाकार 30 जनवरी 2025 तक आयोजन में अपनी नाट्य प्रस्तुति भेज सकते हैं। मेटा 2025 के सभी नाटक और संबंधित कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित कमानी ऑडिटोरियम और श्री राम सेंटर में संपन्न होंगे।
बीते 20 वर्षों से, मेटा पूरे भारत से शानदार प्रस्तुतियों को रंगमंचप्रेमियों तक ला रहा है। इनमें नाटकों की विविध शैलियों और भाषाओं को शामिल किया गया है, जो उनकी कहानियों और विषयों में समावेशिता और नवीनता को दर्शाता है। मेटा आयोजन के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में देशभर से आए बेहतरीन नाटकों को पुरस्कार भी प्रदान किए जाते हैं। इसी क्रम में मेटा फ़ेस्टिवल—मेटा 2025 के मंच पर देशभर के कलाकारों को ख़ुद की नाट्य कृति तैयार करने और देशभर से उपस्थित रंगकर्मियों एवं दर्शकों के सामने लाने के लिए आमंत्रित करता है। नाट्य-प्रस्तुति की प्रविष्टियाँ जमा करने की अंतिम तिथि को भी आगे बढ़ाते हुए—30 जनवरी 2025 तक कर दिया गया है।

मेटा के मंच पर अपने नाटकों को प्रस्तुत करने का ख़्वाब देखने वालों के लिए यह एक सुनहरा मौक़ा है। मेटा आयोजनों में हर वर्ष पूरे भारत से लगभग 400 से अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त होती हैं, जिसमें शीर्ष दस नाटकों का चयन दिल्ली में लाइव प्रस्तुति के लिए किया जाता है। इन प्रदर्शनों का मूल्यांकन एक प्रतिष्ठित निर्णायक-मंडल द्वारा किया जाता है, जिसका समापन एक शानदार पुरस्कार समारोह के रूप में होता है, जिसमें भारतीय रंगमंच के सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों का जश्न मनाया जाता है।
मेटा ने हमेशा ही समकालीन सामाजिक मुद्दों से लेकर पौराणिक कथाओं और राजनीति जैसे विविध विषयों को प्रोत्साहित किया है, जिससे भारत की बेहतरीन नाट्य प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच मिला है। इस ऐतिहासिक संस्करण के क़रीब पहुँचते हुए, हम देश भर के नाटककारों, कलाकारों, निर्देशकों और रंगमंच के शौक़ीनों से अपने नाटक को तैयार और प्रस्तुत करने के इस भव्य उत्सव का हिस्सा बनने के लिए उन्हें आमंत्रित करते हैं।

प्रस्तुति विवरण
• पात्रता : 31 जनवरी 2019 और 15 जनवरी 2025 के बीच भारत में बनाए और प्रस्तुत किए गए नाटक प्रस्तुति के पात्र हैं।

• श्रेणियाँ : सर्वश्रेष्ठ नाटक, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (पुरुष/महिला), सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता (पुरुष/महिला), सर्वश्रेष्ठ मूल पटकथा, सर्वश्रेष्ठ नाटक समूह, सर्वश्रेष्ठ मंच डिजाइन, सर्वश्रेष्ठ प्रकाश डिजाइन, सर्वश्रेष्ठ अभिनव ध्वनि/संगीत डिजाइन, सर्वश्रेष्ठ पोशाक डिजाइन और सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी सहित विभिन्न श्रेणियों के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित हैं। लाइफ़टाइम अचीवमेंट पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा।
• जमा करने की अंतिम तिथि : सभी प्रविष्टियाँ प्राप्त होने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 जनवरी 2025 कर दी गई है।

• कैसे जमा करें : विस्तृत दिशा-निर्देशों के लिए और अपनी प्रविष्टि ऑनलाइन जमा करने के लिए META की वेबसाइट पर जाएँ।
आयोजन को लेकर महिंद्रा समूह में सांस्कृतिक आउटरीच के उपाध्यक्ष जय शाह ने अपने विचार साझा करते हुए कहा: “मेटा–2025 रंगमंच की ताक़त और कहानी कहने की कला एक मिसाल है। यह न केवल इस बात का प्रमाण है कि मंच रचनात्मकता के लिए क्या कर सकता है, बल्कि इससे यह भी पता चलता है कि समाज में यह क्या योगदान दे सकता है। हम 20वें मेटा में और अधिक विचारों, अधिक आलोचनात्मक कथाओं और अधिक मनमोहक प्रस्तुतियों और प्रदर्शनों की उम्मीद करते हैं।”
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टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजय के. रॉय ने कहा: “महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवार्ड्स का 2025 संस्करण कई समारोहों के लिए मील का पत्थर है—जिसमें न केवल नाट्यशास्त्र और तकनीकी उत्कृष्टता शामिल है, बल्कि सर्वसमावेशी शक्ति भी शामिल है जिसे मेटा ने हमेशा से अपनाया है। हमने देश के हर भाग का प्रतिनिधित्व किया है और कभी भी उन विषयों से पीछे नहीं हटे जो मुख्यधारा के नहीं हैं। जाति संघर्ष से लेकर लैंगिक संघर्ष तक, मिथक से लेकर भेदभाव तक, जादुई यथार्थवाद से लेकर अस्तित्वगत संकट तक—मेटा ने उन सभी को कवर किया है। 20वाँ वर्ष सभी रंगमंचकर्मियों को एक साथ आने और एक बार फिर सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति के लिए आमंत्रित करता है।”
महिंद्रा समूह द्वारा टीमवर्क आर्ट्स के सहयोग से स्थापित मेटा, एक पुरस्कार समारोह से कहीं अधिक है; यह एक ऐसा मंच है जो भारतीय रंगमंच को परिभाषित करने वाली विविध आवाज़ों और प्रतिभाओं को पोषण और समर्थन करता है। मेटा भारतीय रंगमंच में रचनात्मकता, नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है।
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